कोरोना से गर्भस्थ शिशु को खतरा नहीं लेकिन प्रेग्नेंसी के अंतिम माह के अधिक अलर्ट रहना जरूरी, ब्रेस्टफीडिंग से नहीं फैलता वायरस
कोरोना इंफेक्शन एक महामारी है जो गर्भवती महिलाओं में ज्यादा गंभीर रूप से देखी जा सकती है, क्योंकि उनकी इम्युनिटी आम महिलाओं की तुलना में कमजोर होती है। शरीर में बहुत से बदलाव आने की वजह से गर्भवती महिलाओं को इस समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। कोरोना से बचाव को लेकर बताई गईं सभी सावधानियां जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, सफाई और हाईजीन का विशेष ध्यान दें। गर्भावस्था में 3-4 रुटीन चेकअप पर्याप्त होते हैं। जरूरत पड़ने पर टेलीकंसल्टेशन का प्रयोग कर सकते हैं।
नॉर्मल गर्भावस्था में तीन सोनोग्राफी (11-13 हफ्ते, 18-20 हफ्ते और 32-34 हफ्ते पर) पर्याप्त हैं। अस्पताल जाने के दौरान ये सावधानियां जरूर बरतें और आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड कर लें। गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से गरारे करें और गरम पानी की भाप लें। गुनगुने पानी का सेवन करें। पर्याप्त पोषण लें एवं तरल पदार्थों का सेवन बढ़ा दें। डॉक्टर की सलाह पर विटामिन सी और मल्टी विटामिन दवाइयों का सेवन किया जा सकता है। डॉ. ऋषिकेश पाई, कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट, लीलावती हॉस्पिटल, मुंबई दे रहे हैं गर्भवती महिलाओं के सवालों के जवाब-
#1) इस दौर में मां बनने से जुड़ीं सावधानियां क्या हैं?
संक्रमण का जितना खतरा सामान्य लोगों को है, उतना ही गर्भवती महिलाओं को है। लेकिन प्रेग्नेंसी के आखिरीमाह में खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, यूके ऑब्स्ट्रिक्ट सर्विलांस सिस्टम द्वारा कोरोना के बीच अस्पताल में भर्ती हुई 427 गर्भवती महिलाओं पर स्टडी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जो गर्भवती महिलाएं कोरोना से गंभीर रूप से बीमार हुईं वे गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में थीं।
#2) क्या मां से गर्भस्थ शिशु को संक्रमण का खतरा है?
अभी तक की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि गर्भस्थ शिशु को अपनी मां से संक्रमण नहीं होता है। प्रसव के पश्चात स्तनपान से भी यह इंफेक्शन नवजात शिशु में नहीं फैलता है। मां से शिशु को केवल छींकने या खांसने से ही संक्रमण हो सकता है। ऐसे में संक्रमित मांओं को मास्क लगाने, हाथ धोने जैसी जरूरी सावधानियों की ज्यादा जरूरत है।
#3) मां संक्रमित है तो ब्रेस्टफीडिंग कैसे कराएं ?
ब्रेस्टफीडिंग से पहले 20 सेकंड तक हाथ धोएं। मास्क लगाना भी बेहद जरूरी है। बच्चे को मां के संपर्क में कम से कम आने देना चाहिए। संक्रमण की स्थिति में भी ब्रेस्टफीडिंग बंद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह नवजात को कई बीमारियों के प्रति जरूरी सुरक्षा प्रदान करती है। सामान्यतया इस दौरान सभी मांओं को दूसरे लोगों से कम से कम छह फीट की दूरी का पालन करना ही चाहिए।
#4) छोटे बच्चों की किस तरह देखभाल संभव?
संक्रमण का डर वयस्कों में ज्यादा देखा गया है, लेकिन नवजात और मेडिकल कंडीशन से जुड़े बच्चों के संक्रमित होने का खतरा भी अधिक है। बच्चों में कोविड से जुड़े लक्षणों में बहती नाक, डायरिया, उल्टी जैसे लक्षण देखे गए हैं। अमेरिकी संस्था सीडीसी के अनुसार दो साल से छोटे बच्चों को दम घुटने जैसे खतरों के चलते मास्क लगाने की सलाह नहीं दी गई है।
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source https://www.bhaskar.com/happylife/news/covid19-and-pregnancy-there-is-no-danger-to-the-fetus-from-corona-but-it-is-important-to-be-alert-for-the-last-month-of-pregnancy-127449158.html
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