बुखार आने पर ये न सोचें कि कोरोना हुआ है, डॉक्टर को तय करने दें वायरस की जांच होगी या नहीं; इस दौरान भी बचाव की हर सावधानी बरतें
बाहर से खाना मंगाना कितना सही है, 10 दिन से बुखार आ रहा है क्या यह कोरोना का लक्षण है और फेमिली मेम्बर्स बाहर आते-जाते हैं तो गर्भवती महिलाएं क्या सावधानी बरतें... ऐसे कई सवालोंके जवाब नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल की विशेषज्ञ डॉ. माला श्रीवास्तव ने आकाशवाणी को दिए। एक्सपर्ट से जानिए कोरोना से जुड़े सवालों के जवाब...
#1) क्या कोरोना मरीजों पर फेविपिराविर दवा का अच्छा असर हो रहा है?
कोरोना के मरीजों के इलाज में कई दवाइयों को प्रयोग करते हैं लेकिन किस मरीज को दवाई का फायदा हुआ और कौन इम्युनिटी से ठीक हुआ यह बताना मुश्किल है। लेकिन इलाज के बाद देखा गया है कि किसी मरीजमें एंटीवायरल दवाएं काम कर रही हैं तो कइयों में प्लाज्मा थैरेपी। इस तरह अलग-अलग मरीजों पर कौन सी दवा ज्यादा असर कर रही है, यह कहना अभी सम्भव नहीं है।
#2) गर्भवती महिला के फैमिली मेम्बर्स बाहर जाते हैं, वो क्या सावधानी बरतें?
गर्भवती होने पर इम्युनिटी थोड़ी कम हो जाती है और सभी को पता है कि कोरोना वायरस कोई सटीक इलाज नहीं है। इसलिए,गर्भवती को संक्रमण का खतरा अधिक है। बेहतर होगा कि घर में भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें। अगर पति ऑफिस जाते हैं तो घर आने पर तुरंत उनके सम्पर्क में न आएं। वो कपड़े बदलें, नहाएं उसके बाद ही बाकी काम करें। ऐसी महिलाओं को कोशिश करनी चाहिए कि किसी के सामने जाएं तो मास्क लगाकर जाएं क्योंकि सामने वाला इंसान एसिम्प्टोमैटिक हो सकता है।
#3) अगर 10 दिन से बुखार आ रहा है तो क्या करें?
अगर तेज बुखार है, सांस लेने में परेशानी है या कोई और दिक्कत है तो डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर तय करेंगे कि कोरोना की जांच होगी या नहीं। केवल बुखार आने से यह न सोचे की की कोरोनावायरस का संक्रमणहुआ है।
#4) विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि आबादी के लिहाज से भारत में कोरोना के मामले काफी कम हैं, इस पर आप क्या कहेंगी?
इस पर से बहुत खुश न हों क्योंकि वायरस का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। अभी भी बीमारी फैलने का खतरा है। संक्रमण फैला तो कहां तक जाएगा पता नहीं। हां, हमारे देश में घनी आबादी है उसके हिसाब से संक्रमण कम है। ऐसे में सिर्फ वायरस से बचने के लिए नियमों का पालन करें।
#5) ऑनलाइन डिलीवरी में क्या सावधानी रखें?
डिलीवरी लेते वक्त सामान घर के बाहर ही रखवा दें। सामान को तुरंत न उठाएं बल्कि सैनेटाइज करने के बाद ही छुएं। अगर धोने लायक सामान है तो पानी से धो लें। अगर धो नहीं सकते तो कम से कम उस 3-4 घंटे मत छुएं। उसके बाद भी प्रयोग करते वक्त सावधानी रखनी है।
#6) कोरोना के समय बाहर से खाना मंगाना कितना सही है?
ये कहना मुश्किल है कि बाहर का खाना सुरक्षित है या नहीं। क्योंकि खाना लाने वाला संक्रमित है या नहीं, यह किसी को नहीं मालूम। या जो बना रहा है वो एसिम्प्टोमैटिक हो तो उसे खुद भी नहीं पता चल पाता। इसलिए अगर बाहर से खाना मंगा रहे हैं तो थोड़ी सावधानी बरतें। जैसे अगर पिज्जा मंगा रहे हैं तो ग्लव्स पहनकर डिब्बे को खोलें। ग्लव्स हटाकर हैंडवॉश करके पिज्जा निकालें। खाना जब तेज आंच में पकाया जाता है तब उसमें संक्रमण का खतरा कम हो जा जाता है। लेकिन फिर भी खाने से पहले सावधानी से पैकिंग को खोलें।
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source https://www.bhaskar.com/happylife/news/novel-coronavirus-covid-19-question-and-delhi-doctor-expert-answer-fever-online-food-delivery-127449251.html
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