आज से बदल जाएगा जूम ऐप, प्राइवेसी सर्विस में किया गया सुधार, कंपनी ने कहा- अब कंटेंट सुरक्षित रहेगा और हैक नामुमकिन
30 मई यानी आज से सभी जूम यूजर्स को मीटिंग में शामिल होने के लिए 5.0 नया अपडेट मिलेगा, जो गैलोइस काउंटर मोड, यानी जीसीएम एन्क्रिप्शन प्लैटफॉर्म पर सक्षम होगा। सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बाद जूम ने पिछले महीने बेहतर सिक्योरिटी फीचर के साथ इस ऐप का नया अपडेट जूम 5.0 लॉन्च किया था। बता दें कि अगर आगे जूम ऐप का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को इसे अपडेट करना ही पड़ेगा। इसकी जानकारी कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए दी है।
जूम का दावा अब डेटा हैक करना नामुमकिन
ब्लॉग में कहा गया है कि मीटिंग, वेबिनार और क्लाउड रिकॉर्डिंग के लिए न्यूनतम डिफॉल्ट पासवर्ड की लंबाई छह अक्षरों की होनी चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि इसका कंटेंट काफी सुरक्षित होगा और इसे हैक करना आसान नहीं होगा। इसके जरिए ऐप में इंटरफेस और डिजाइन में भी बदलाव लाया गया है। इस ऐप में सिक्योरिटी फीचर को ऐक्सेस करने के लिए एक सिक्योरिटी आइकॉन दिया गया है।
इसके साथ ही, पासवर्ड प्रोटेक्शन और अनऑथराइज्ड ऐक्सेस की पहचान के लिए कंट्रोल दिए गए हैं। नए यूजर इंटरफेस अपडेट की वजह से होस्ट अब मीटिंग को समाप्त करने या बीच में छोड़ने का फैसला कर सकते हैं। जूम क्लाइंट आपके जूम विंडो के टॉप लेफ्ट कॉर्नर पर आइकॉन में यह भी दिखाता है कि यूजर किस डेटा सेंटर से जुड़ा ।
जूम ने अपनी सर्विस में सुधार किया है
बता दें कि लॉकडाउन के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वीडियो कॉलिंग की डिमांड बढ़ने की वजह से जूम की लोकप्रियता में वृद्धि हुई थी। इसका यूजर बेस तो बढ़ा, लेकिन प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर समस्या आने लगी। इसकी वजह से भारत सरकार ने भी इसका उपयोग नहीं करने की सलाह दी थी और इसके बाद जूम ने अपनी सर्विस में सुधार किया और 5.0 अपडेट के साथ सामने आया है।
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