सेबी की छूट के बाद भी आईपीओ बाजार में नहीं दिखी तेजी, कई कंपनियों ने बाजार में लिस्टिंग की योजना को टाला
सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की ओर से कई प्रकार की छूट देने के बाद भी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) बाजार में तेजी नहीं दिख रही है। मौजूदा समय में कई कंपनियों ने बाजार में लिस्टिंग की अपनी योजना को टाल दिया है। निवेश बैंकर्स के मुताबिक, आईपीओ बाजार पूरी तरह से ठहर गया है और इस साल के अंत तक ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है। यह हालात तब है जब बाजार में कुछ बड़ी कंपनियों ने इसी प्रकार से अरबों डॉलर की राशि जुटाई है।
सेबी ने हाल ही में दी थीं कई प्रकार की छूट
बाजार नियामक सेबी ने पिछले महीने ही आईपीओ लाने के संबंध में कई प्रकार की छूट दी थीं। इसमें जिन आईपीओ की वैधता 1 मार्च से 30 सितंबर के मध्य खत्म होने जा रही थी, उनके 6 महीने की मोहलत भी शामिल हैं। सेबी की इस छूट का एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों को लाभ मिलेगा, जिन्होंने करीब 15 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई थी। इन कंपनियों में श्रीराम प्रॉपर्टीज, बजाज एनर्जी, एंजल ब्रोकिंग और इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डवलपमेंट एजेंसी प्रमुख रूप से शामिल हैं। निवेश बैंकर्स ने सेबी के कदम का स्वागत किया है। हालांकि, कई कंपनियों ने बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए अपने आईपीओ प्लान को टाल दिया है।
सेकेंडरी मार्केट को ट्रैककरता है आईपीओ बाजार
Edelweiss फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ इक्विटी कैपिटल मार्केट्स जिबी जैकब का कहना है कि आईपीओ मार्केट सामान्य तौर पर सेकेंडरी मार्केट को ट्रैक करता है। जब तक सेकेंडरी मार्केट में मजबूती नहीं आएगी, तब तक आईपीओ के जरिए फंडरेजिंग में मंदी बनी रहेगी। जैकब के मुताबिक, यदि सेकेंडरी मार्केट में आने वाले कुछ महीने में सकारात्मक माहौल बनता है तो कुछ कंपनियां सेबी की छूट का लाभ लेते हुए आईपीओ ला सकती हैं।
लॉकडाउन की अवधि पर सबकुछ निर्भर
प्राइम डाटाबेस के एमडी प्रणव हल्दिया का कहना है कि इस समय सबकुछ इस बात पर निर्भर है कि देश में लॉकडाउन कितने लंबे समय तक लागू रहेगा। यदि मई के अंत तक कारोबार फिर से शुरू भी हो जाता है तो भी कंपनियां बाजार में आने में कुछ समय लगा सकती हैं। निवेश बैंकर्स का कहना है कि बाजार का वैल्यूएशन काफी नीचे आ गया है। इसलिए कंपनियां और प्रमोटर पिछले साल जमा किए गए आवेदनों के मुकाबले कम वैल्यू की उम्मीद कर रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि कई कंपनियां और प्रमोटर कम वैल्यूएशन पर बिक्री के बजाए इंतजार करने की रणनीति अपना रहे हैं।
इस साल अब तक केवल एक कंपनी का आईपीओ
निवेश बैंकर्स के मुताबिक, आईपीओ मार्केट के लिए वर्ष 2020 पूरी तरह से वॉशआउट वर्ष साबित हो सकता है। इस साल अब तक केवल एक कंपनी एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज का आईपीओ पब्लिक हुआ है। कंपनी का शेयर प्राइस इस समय इश्यू प्राइस के मुकाबले 30 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। इससे नियमित रूप से आईपीओ में निवेश करने वालों का सेंटीमेंट गिरा है।
इन कंपनियों को मिल सकता है 6 माह की छूट का लाभ
| कंपनी | सेबी अप्रूवल की तारीख | इश्यू साइज |
| श्रीराम प्रॉपर्टीज | 9 अप्रैल 2019 | 1250 |
| ईमामी सीमेंट | 15 मई 2019 | 1000 |
| पन्ना सीमेंट | 31 मई 2019 | 1550 |
| पावरिका | 7 जून 2019 | 800 |
| सत्यसाई प्रेशर | 21 जून 2019 | -- |
| अन्नाई इंफ्रा | 12 जुलाई 2019 | 250 |
| एंजल ब्रोकिंग | 26 जुलाई 2019 | 600 |
| बजाज एनर्जी | 30 अगस्त 2019 | 5450 |
| श्याम स्टील | 20 सितंबर 2019 | 500 |
| इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी | 27 सितंबर 2019 | 750 |
नोट: इश्यू साइज की राशि करोड़ रुपए में है।
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